School Holidays: उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है. सुबह के समय सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है और लोग घर में अलाव के सहारे ठंड से मुकाबला कर रहे हैं. दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में स्थिति समान रूप से गंभीर बनी हुई है. इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूलों को बंद करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं.
12वीं तक के सभी स्कूल 1 जनवरी तक बंद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए निर्देश दिया है कि प्रदेश में कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल 1 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे.
- इस आदेश में ICSE, CBSE और यूपी बोर्ड के सभी स्कूल शामिल हैं.
- कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए यह निर्णय बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से जरूरी माना गया है.
- सीएम ने कहा कि शीतलहर के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अफसरों को दिए गए फील्ड में उतरने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भ्रमण करने और ठंड से निपटने की जमीनी स्थिति की निगरानी करने का सख्त निर्देश दिया है.
- हर जिले में अधिकारियों को अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था की निगरानी खुद करने को कहा गया है.
- सीएम ने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी जरूरतमंद ठंड से न जूझे और हर व्यक्ति को राहत मिल सके.
- किसी भी स्थिति में इंतजामों में ढिलाई नहीं होनी चाहिए.
सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के निर्देश
सड़कों, चौराहों, स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री गंभीर नजर आए. उन्होंने कहा कि:
- अलाव जलाने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए.
- जरूरतमंदों को समय पर कंबल वितरित दिए जाएं.
- प्रत्येक जिले में स्थानीय निकाय और प्रशासन की संयुक्त निगरानी में यह काम होना चाहिए.
रैन बसेरों में हों सभी जरूरी सुविधाएं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुले में सो रहे लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है. उन्होंने कहा:
- कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए, इसके लिए रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई जाए.
- प्रत्येक रैन बसेरे में गर्म बिस्तर, कंबल, पीने का पानी, स्वच्छता और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं.
- स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राहत कार्य केवल कागज़ों पर न रहे.
यूपी के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री से नीचे
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस या उससे भी नीचे दर्ज किया गया है. शीतलहर के कारण:
- बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
- दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ रही है.
- ग्रामीण और गरीब तबके के लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की देखभाल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने कहा कि इस ठंड में:
- छोटे बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है.
- बुजुर्गों को गर्म कपड़ों और दवाओं की समय पर सुविधा मिलनी चाहिए.
- *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट पर रखा जाए.
योगी सरकार की सतर्कता बनी लोगों के लिए राहत
राज्य सरकार के त्वरित फैसलों से बच्चों, अभिभावकों और आम लोगों को काफी राहत मिली है.
- स्कूल बंद होने के निर्णय को जनता ने सराहा है.
- प्रशासन की सक्रियता से रैन बसेरों, अलाव और कंबल वितरण में तेजी आई है.
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि अगर ठंड में और बढ़ोतरी हुई, तो राहत के लिए और कदम उठाए जाएंगे.






