School Holiday: यूपी में कई जिलों में शीतलहर चल रही है. पिछले एक सप्ताह से कड़ाके की सर्दी और कोहरे का असर जारी है. दो दिन पहले ही मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी कर दिया था. ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए पहले 20 दिसंबर तक 15 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई थी. अब हालात और गंभीर होने पर दो जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) ने इस छुट्टी को आगे बढ़ा दिया है. इस फैसले से हजारों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है, हालांकि कुछ जिलों में स्कूल पूरी तरह बंद करने के बजाय स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है.
अंबेडकर नगर में 24 दिसंबर तक स्कूल बंद
अंबेडकर नगर जिले में अत्यधिक ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बड़ा फैसला लिया है. डीएम ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जनपद में संचालित सभी बोर्ड के कक्षा 1 से 12 तक के विद्यालय 24 दिसंबर तक बंद रहेंगे. हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 10 और 12 की प्रायोगिक परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित समय पर ही आयोजित होंगी. यानी बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के लिए परीक्षाओं का शेड्यूल नहीं बदला गया है.
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए क्या निर्देश हैं
अंबेडकर नगर में स्कूल बंद होने के बावजूद विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी समय से विद्यालय में उपस्थित रहेंगे. डीएम ने स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में सहयोग करेंगे. जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार तिवारी ने सभी विद्यालयों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो.
मेरठ में भी बढ़ी ठंड, स्कूलों पर लगा ब्रेक
अंबेडकर नगर के अलावा मेरठ जिले में भी ठंड का असर साफ दिख रहा है. यहां के डीएम ने आदेश जारी कर आठवीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है. डीएम के आदेश के अनुसार, इंटरमीडिएट (12वीं) तक के स्कूल 23 दिसंबर तक बंद रहेंगे. यह फैसला छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है
बरेली और कानपुर में बदला स्कूलों का समय
कुछ जिलों में जहां स्कूल पूरी तरह बंद किए गए हैं, वहीं बरेली और कानपुर जैसे जिलों में प्रशासन ने स्कूलों का समय बदलने का फैसला किया है.
बरेली में सुबह 10 बजे से खुलेंगे स्कूल
बरेली जिले में डीएम के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों का समय बदल दिया है.
उन्होंने बताया कि अत्यधिक ठंड और घने कोहरे को देखते हुए अब अग्रिम आदेशों तक स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे. यह निर्णय पाठ्यक्रम पूरा कराने और परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. बीएसए ने सभी विद्यालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं
कानपुर में भी लागू हुआ बदला हुआ समय
कानपुर में भी डीएम ने नर्सरी से लेकर इंटर तक के सभी स्कूलों के समय में बदलाव किया है. यहां भी सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्कूल संचालित होंगे. प्रशासन का कहना है कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और कोहरे के कारण छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है, इसलिए समय में बदलाव जरूरी था.
पहले इन 15 जिलों में की गई थी स्कूलों की छुट्टी
कड़ाके की ठंड को देखते हुए इससे पहले यूपी के 15 जिलों में डीएम ने स्कूलों की छुट्टी घोषित की थी. इनमें शामिल थे:
- संभल
- कानपुर
- कानपुर देहात
- उरई
- हरदोई
- औरैया
- अंबेडकर नगर
- रामपुर
- बरेली
- गोंडा
- शाहजहांपुर
- पीलीभीत
- जौनपुर
- कासगंज
- बदायूं
इन सभी जिलों में 20 दिसंबर तक स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए थे. कुछ जिलों में आठवीं तक, तो कुछ में 12वीं तक स्कूल बंद किए गए थे.
क्या सोमवार से खुल सकते हैं स्कूल?
प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जिन जिलों में छुट्टी नहीं बढ़ाई गई है, वहां सोमवार से स्कूल खोले जा सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा.
यदि कोहरा और ठंड इसी तरह बनी रहती है, तो छुट्टी या समय परिवर्तन का फैसला आगे भी लिया जा सकता है.
मौसम विभाग का अलर्ट क्यों है अहम
मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा और बढ़ सकता है. सुबह और देर रात विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है, जिससे बच्चों के स्कूल जाने में खतरा बढ़ जाता है. इसी कारण प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तत्काल निर्णय लिए जा रहे हैं.
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
प्रशासन और शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे:
- बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर न भेजें
- स्कूल खुलने या समय बदलने की जानकारी के लिए विद्यालय से संपर्क में रहें
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर ही बाहर भेजें
- मौसम अपडेट पर नजर रखें
छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता
डीएम और शिक्षा अधिकारियों ने साफ कहा है कि छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. ठंड और कोहरे के कारण किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा.
इसी वजह से अलग‑अलग जिलों में परिस्थितियों के अनुसार छुट्टी बढ़ाने या समय बदलने जैसे फैसले लिए जा रहे हैं.
आगे क्या हो सकता है
अगर मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो:
- और जिलों में भी छुट्टी बढ़ सकती है
- कुछ जगहों पर स्कूलों का समय और आगे खिसकाया जा सकता है
- बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर अन्य कक्षाओं में ऑनलाइन विकल्प पर भी विचार हो सकता है
फिलहाल प्रशासन ने कहा है कि हर जिले की स्थिति अलग‑अलग है, इसलिए फैसले स्थानीय हालात के अनुसार लिए जाएंगे.






