School Collage Holidays: उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते उत्तर प्रदेश प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है. बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) और गाजियाबाद समेत कई जिलों में 1 जनवरी 2026 तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. यह आदेश सरकारी और निजी दोनों प्रकार के संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा.
प्रशासन ने ठंड से बच्चों की सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
घने कोहरे और गिरते तापमान की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. गाजियाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है. छोटे बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा है.
सभी बोर्डों और कॉलेजों पर लागू होगा आदेश
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि CBSE, ICSE और यूपी बोर्ड के सभी स्कूलों के अलावा सभी कॉलेज भी इस आदेश के अंतर्गत बंद रहेंगे. यह निर्णय विशेष रूप से छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के हित में लिया गया है.
1 जनवरी तक सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश
शिक्षा विभाग के अनुसार, यह अस्थायी अवकाश 1 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा. हालांकि यदि शीतलहर का प्रकोप बना रहता है, तो छुट्टियों को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है. फिलहाल इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों को राहत जरूर मिली है.
मौसम विभाग ने चेताया – ठंड अभी और बढ़ेगी
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है. शीतलहर की स्थिति बनी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन हालात की समीक्षा 1 जनवरी को दोबारा करेगा. इसके बाद अवकाश को बढ़ाने या समाप्त करने का निर्णय लिया जाएगा.
ऑनलाइन क्लासेस पर विचार करने के निर्देश
बढ़ती ठंड के बीच पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को ऑनलाइन कक्षाओं पर विचार करने का सुझाव दिया है.
- इससे छात्र सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई जारी रख सकेंगे.
- जिन स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की सुविधा है, वहां ऑनलाइन मोड में कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं.
- यह उपाय छात्रों की शिक्षा को बाधित होने से बचाने में मदद करेगा.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ठंड और कोहरे की स्थिति में छोटे बच्चों को बाहर भेजना जोखिम भरा हो सकता है.
- इस स्थिति में बच्चों को घर पर गर्म वातावरण में रखना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है.
- ठंड के कारण सांस संबंधी बीमारियों, सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
- खासकर 5 साल से छोटे बच्चों और अस्थमा से पीड़ित छात्रों के लिए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है.
गाजियाबाद और नोएडा के अलावा अन्य जिलों में भी तैयारी
हालांकि अभी यह आदेश मुख्य रूप से गाजियाबाद और नोएडा जिलों में लागू किया गया है, लेकिन ठंड की गंभीरता को देखते हुए अन्य जिलों में भी ऐसे ही निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है. प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी ज़िलों को अलर्ट पर रखा गया है.
अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे:
- बच्चों को गरम कपड़े पहनाएं
- बाहर जाने से बचाएं
- और यदि संभव हो तो ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित करें.
यह सुनिश्चित करना कि बच्चे इस सर्द मौसम में सुरक्षित रहें, सभी की साझा जिम्मेदारी है.






