Winter School Holiday: जिले में कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे की वजह से नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों को 29 और 30 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. यह आदेश जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह द्वारा रविवार शाम को लिया गया, जो जिले के सभी सरकारी और निजी बोर्ड स्कूलों पर लागू होगा.
पहले 24 से 28 दिसंबर तक थी छुट्टियां
इससे पहले प्रशासन ने 24 से 26 दिसंबर तक सर्दी और कोहरे के चलते छुट्टी घोषित की थी. इसके बाद
- 27 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती,
- और 28 दिसंबर को रविवार का अवकाश पड़ने के कारण स्कूल स्वाभाविक रूप से बंद रहे.
अभी 29 दिसंबर से स्कूल खुलने थे, लेकिन ठंड में आई और तेजी के बाद जिला प्रशासन ने दो दिन की और छुट्टी जोड़ दी है.
आदेश का सख्ती से पालन होगा, उल्लंघन पर कार्रवाई तय
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आशा चौधरी ने जानकारी दी कि यह आदेश सभी बोर्डों – CBSE, ICSE, यूपी बोर्ड आदि के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी स्कूल ने इस आदेश की अवहेलना की, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस आदेश का मकसद बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है, खासकर जब तापमान में गिरावट और दृश्यता में भारी कमी हो रही है.
कोहरा और पारा, दोनों में गिरावट से बढ़ी चिंता
जिले में बीते कुछ दिनों से सुबह के समय घना कोहरा छाया हुआ है. दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह हालात सड़क दुर्घटना और सेहत दोनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं. साथ ही, तापमान में लगातार गिरावट भी जारी है, जिससे बच्चों में वायरल और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है.
किस-किस पर लागू होगा यह आदेश?
- नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल
- सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी संस्थान
- CBSE, ICSE, यूपी बोर्ड सहित अन्य बोर्ड के स्कूल
क्या आगे भी बढ़ सकती हैं छुट्टियां?
फिलहाल यह आदेश 29 और 30 दिसंबर तक लागू है, लेकिन अगर सर्दी का प्रकोप यूं ही बना रहा तो 31 दिसंबर और नए साल की छुट्टी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. प्रशासन मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद अगला फैसला लेगा.
माता-पिता और शिक्षकों के लिए सलाह
अधिकारियों ने सभी अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे स्कूल प्रबंधन द्वारा दी गई सूचना पर ध्यान दें और बच्चों को अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनाएं. शिक्षकों और स्टाफ से भी अपील की गई है कि वे इस आदेश को गंभीरता से लें और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें.






