New Noida Project: दिल्ली-NCR क्षेत्र के विस्तार और विकास को नई दिशा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की तैयारी कर ली है. नोएडा अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले इस नए शहर को “नया नोएडा” के नाम से जाना जाएगा. यह प्रोजेक्ट DNGIR (Dadri-Noida-Ghaziabad Investment Region) के तहत विकसित किया जाएगा और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है
हाइब्रिड मॉडल से होगा जमीन अधिग्रहण
सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने जा रही है, जिसमें दोनों विकल्प – आपसी सहमति से खरीद और जिला प्रशासन के माध्यम से अधिग्रहण शामिल होंगे. यह तरीका इसलिए चुना गया है ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके और उन्हें उचित मुआवज़ा मिल सके.
- अथॉरिटी या डेवलपर सीधे किसानों से सहमति के आधार पर जमीन खरीद सकेगा
- आवश्यकता पड़ने पर भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत प्रक्रिया लागू होगी
इन 80 गांवों की बढ़ेगी ज़मीन की कीमत
नया नोएडा प्रोजेक्ट को दादरी और बुलंदशहर के करीब 80 गांवों की ज़मीन पर विकसित किया जाएगा. इससे इन क्षेत्रों में भूमि की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि की संभावना है. इस योजना के लिए चार चरणों में जमीन अधिग्रहण और डेवलपमेंट की योजना बनाई गई है.
जनवरी 2026 में तय होंगी मुआवज़े की दरें
नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, जनवरी 2026 में मुआवज़े की दरों को लेकर बैठक प्रस्तावित है. प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और जमीन अधिग्रहण से पहले इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. इस बैठक में हाइब्रिड मॉडल को लागू करने पर भी चर्चा हो चुकी है.
अधिग्रहण की शुरुआत जोखाबाद और सांवली से
शुरुआती चरण में जोखाबाद और सांवली इलाकों में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और GT रोड के जंक्शन के पास अधिग्रहण प्रक्रिया की शुरुआत होगी. एक से डेढ़ महीने के भीतर सरकार से मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद अधिकारिक रूप से अधिग्रहण शुरू हो जाएगा.
DNGIR मास्टर प्लान 2041 को मिली मंजूरी
DNGIR मास्टर प्लान 2041 को उत्तर प्रदेश सरकार ने अक्टूबर 2024 में मंजूरी दी थी. तभी से इस पूरे प्रोजेक्ट की रफ्तार तेज हो गई है. इसका उद्देश्य दिल्ली-NCR क्षेत्र में आर्थिक, शैक्षणिक और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना है.
अतिरिक्त प्रशासनिक कर्मचारियों की होगी जरूरत
इस बड़े स्तर के अधिग्रहण और डेवलपमेंट के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक कर्मचारियों की भी आवश्यकता पड़ी है. नोएडा अथॉरिटी ने सरकार से 3 तहसीलदार, 6 कानूनगो और लेखपाल तैनात करने का अनुरोध किया है. कुछ अधिकारी स्वयं अथॉरिटी के साथ काम करने की इच्छा भी जता चुके हैं.
21,000 हेक्टेयर में बसाया जाएगा नया नोएडा
नोएडा अथॉरिटी के अनुसार, नया नोएडा 21,000 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा. इसे चार चरणों में पूरा किया जाएगा:
| चरण | समयावधि | क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) |
|---|---|---|
| पहला चरण | 2025–2027 | 3,165 हेक्टेयर |
| दूसरा चरण | 2027–2032 | 3,798 हेक्टेयर |
| तीसरा चरण | 2032–2037 | 5,908 हेक्टेयर |
| चौथा चरण | 2037–2041 | 8,230 हेक्टेयर |
एजुकेशन सिटी और इंडस्ट्रियल हब होगा नया नोएडा
सरकार की योजना है कि नया नोएडा एक एजुकेशन सिटी के रूप में भी विकसित हो. यहां पर विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी और कॉलेज स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा यह क्षेत्र इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल हब के रूप में भी काम करेगा.
आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ने के कारण, नया नोएडा उद्योग, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और शिक्षा के क्षेत्र में भारी निवेश और विकास का केंद्र बनेगा. इससे:
- लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे
- क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा
- ट्रांसपोर्ट, ट्रेड और टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा






