Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए वर्ष 2025 खुशियों भरा रहा. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई लाड़ली बहना योजना को मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने न सिर्फ जारी रखा, बल्कि इसे और विस्तार देते हुए राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी भी की. भाईदूज के दिन ये बढ़ा हुआ लाभ बहनों के लिए एक विशेष उपहार बनकर आया.
भाईदूज पर बढ़ी योजना की किस्त, बढ़ी उम्मीदें
2025 के अंतिम महीनों में लाड़ली बहना योजना की राशि ₹1250 से बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह कर दी गई है. इससे पहले यह योजना जब शुरू हुई थी, तब ₹1000 प्रतिमाह की सहायता मिल रही थी. अब तक की यह तीसरी वृद्धि है, जिससे 1.28 करोड़ बहनों को राहत मिली है. इस बढ़ोतरी के साथ ही बहनों को उम्मीद है कि नया साल आत्मनिर्भरता के नए अवसर लेकर आएगा.
10 जनवरी 2026 तक खातों में पहुंचेगी अगली किस्त
नए साल की पहली किस्त को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 10 जनवरी 2026 तक सभी लाभार्थी बहनों के खाते में ₹1500 की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी. यानी साल की शुरुआत बहनों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह लेकर आएगी.
2028 तक ₹5000 प्रतिमाह देने की तैयारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विपक्ष बार-बार ₹3000 प्रतिमाह की मांग उठाता रहा है, लेकिन सरकार की योजना इससे भी आगे की है. उनका कहना था कि पहले ₹1000, फिर ₹1250 और अब ₹1500 की राशि दी गई है, और सरकार का इरादा 2028 तक यह राशि ₹5000 प्रति माह तक पहुंचाने का है.
विपक्ष के सवालों के बीच सरकार ने पेश की योजना की प्रगति
जहां कांग्रेस ने योजना की राशि बढ़ाने में देरी को लेकर सरकार पर निशाना साधा, वहीं सरकार ने लगातार योजना को मजबूत करने के दावे किए हैं. मुख्यमंत्री का यह बयान लाड़ली बहनों के भविष्य के लिए नई उम्मीदों का संकेत है. साथ ही, यह स्पष्ट संदेश है कि सरकार इस योजना को बंद करने के बजाय और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
लाड़ली बहना योजना का आर्थिक भार
यह बात भी सामने आई है कि योजना का असर राज्य की आर्थिक सेहत पर भी देखने को मिल रहा है. सरकार अब तक 44,917 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाड़ली बहनों के खातों में भेज चुकी है. जब से योजना की राशि ₹1500 की गई है, तब से हर महीने सरकार पर ₹1859 करोड़ का अतिरिक्त भार बढ़ गया है.
मध्य प्रदेश पर बढ़ा कुल कर्ज, उठे सवाल
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 के अंत तक मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज 4.65 लाख करोड़ रुपये पहुंच चुका है. वहीं, राज्य का 2025-26 का बजट 4.21 लाख करोड़ रुपये का है. इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य की राजकोषीय स्थिति दबाव में है.
बीजेपी शासित राज्यों में योजना बनी गेमचेंजर
लाड़ली बहना योजना सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रही. कई अन्य बीजेपी शासित राज्यों में भी इसे लागू किया गया है. 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में यह योजना बीजेपी के लिए गेमचेंजर साबित हुई थी. महिलाओं को साधने के लिए बनाई गई इस योजना ने मतदान व्यवहार में बड़ा बदलाव लाया था.
योजना पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान
जहां एक ओर राज्य सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल मान रही है, वहीं शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में एक क्षेत्रीय बैठक में कहा कि राज्यों की बजट स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. उन्होंने राजनीतिक मजबूरियों के चलते की गई घोषणाओं को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया. विजयवर्गीय का बयान यह संकेत देता है कि लंबी अवधि में इस तरह की योजनाएं राज्य के वित्तीय संतुलन पर असर डाल सकती हैं.
योजना के लाभ और चुनौतियां
जहां एक ओर लाखों महिलाओं को इस योजना से आर्थिक सहारा मिला है, वहीं दूसरी ओर यह भी एक सच है कि सरकार को इसके लिए भारी राजस्व व्यवस्था करनी पड़ रही है. अगर आने वाले वर्षों में इसे ₹5000 प्रतिमाह तक ले जाया जाता है, तो यह राज्य सरकार के लिए एक बड़ी वित्तीय चुनौती बन सकता है.






