School Holiday: हरियाणा सरकार ने कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में सर्दी की छुट्टियों की घोषणा कर दी है. राज्य भर के सरकारी और निजी स्कूल 1 जनवरी 2026 से 16 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे. शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक नोटिस भी जारी कर दिया गया है.
1 जनवरी से 16 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश
विद्यालय शिक्षा निदेशालय, हरियाणा सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में 1 जनवरी 2026 से 16 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश रहेगा. 17 जनवरी (शुक्रवार) से स्कूल दोबारा खोले जाएंगे. सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन करें.
बोर्ड परीक्षार्थियों को छुट्टी में भी जाना पड़ सकता है स्कूल
हालांकि सभी क्लासेस के लिए छुट्टियों की घोषणा की गई है, लेकिन 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को छुट्टियों के दौरान भी स्कूल बुलाया जा सकता है. शिक्षा निदेशालय ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि CBSE, ICSE या अन्य बोर्डों की ओर से प्रैक्टिकल परीक्षा का शेड्यूल आता है, तो स्कूल बोर्ड परीक्षार्थियों को बुलाने के लिए स्वतंत्र होंगे. ऐसे में 10वीं और 12वीं के छात्रों को स्कूल द्वारा दी जाने वाली सूचनाओं पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा.
विंटर वेकेशन से पहले भी 4 दिन बंद रहेंगे स्कूल
सर्दी की छुट्टियों से पहले भी दिसंबर के अंतिम सप्ताह में स्कूल बंद रहेंगे.
छुट्टियों की यह लिस्ट इस प्रकार है:
- 25 दिसंबर (क्रिसमस डे)
- 26 दिसंबर (शहीद उधम सिंह जयंती)
- 27 दिसंबर (गुरु गोबिंद सिंह जयंती)
- 28 दिसंबर (रविवार)
इन चार दिनों के बाद 1 जनवरी से औपचारिक रूप से शीतकालीन अवकाश शुरू हो जाएगा, यानी विद्यार्थियों को लगातार 19 दिनों की छुट्टी मिलने वाली है.
दिल्ली में भी 15 जनवरी तक बंद रहेंगे स्कूल
सिर्फ हरियाणा ही नहीं, बल्कि दिल्ली में भी 1 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 तक स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां घोषित की गई हैं. दिल्ली शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी अकादमिक कैलेंडर 2025-26 में इसकी पुष्टि की गई है. दिल्ली और हरियाणा, दोनों राज्यों में इस बार सर्दियों की छुट्टियां लगभग एक जैसी होंगी, जिससे पूरे उत्तरी भारत में छात्रों को सर्दी से राहत मिल सकेगी.
स्कूल प्रशासन को निर्देश, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता
शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. हरियाणा और दिल्ली दोनों जगहों पर प्रशासन ने स्कूलों को निर्देशित किया है कि वह इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं. बोर्ड कक्षाओं को लेकर जो अपवाद रखा गया है, वह भी केवल परीक्षा से संबंधित गतिविधियों के लिए ही लागू होगा.
छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह
छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने-अपने स्कूल की ओर से आने वाली सूचनाओं पर ध्यान दें, खासकर बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित छात्रों को. कई बार प्रैक्टिकल की तिथि अचानक घोषित होती है, ऐसे में स्कूल से संपर्क में रहना आवश्यक है.
स्कूलों में छुट्टियों के दौरान अन्य गतिविधियों पर भी विराम
शीतकालीन अवकाश के दौरान किसी भी प्रकार की अकादमिक या सह-शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन नहीं होगा. राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि छात्रों को पूरी तरह छुट्टी का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे ठंड से सुरक्षित रहें और नई ऊर्जा के साथ पढ़ाई में फिर से जुट सकें.
ठंड बढ़ने पर हो सकता है अवकाश अवधि में बदलाव
हालांकि वर्तमान में 1 से 16 जनवरी तक का शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन यदि मौसम की स्थिति और अधिक गंभीर होती है, तो सरकार अवकाश की अवधि को बढ़ा भी सकती है. इस बारे में अंतिम निर्णय मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर आधारित होगा.






