Delhi School Holiday: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति के चलते प्राइमरी स्कूलों को बीते कई दिनों से बंद रखा गया है. कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच चुका है, जिससे छोटे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए आंगनवाड़ी, नर्सरी से 5वीं तक के स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया था. इस बीच छात्र और अभिभावक अब विंटर वेकेशन की तारीखों को लेकर उत्साहित हैं. कई जगहों पर अनुमान लगाए जा रहे हैं कि 25 दिसंबर से छुट्टियां शुरू हो सकती हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही है.
क्या 25 दिसंबर से शुरू हो रही हैं सर्दी की छुट्टियां?
नहीं, दिल्ली के स्कूलों की सर्दी की छुट्टियां 25 दिसंबर 2025 से शुरू नहीं हो रही हैं. भले ही 25 दिसंबर को क्रिसमस डे की छुट्टी रहती है और उसके बाद वीकेंड है, लेकिन दिल्ली शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक कैलेंडर में कुछ और बताया गया है
सर्दी की छुट्टियां 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक
दिल्ली के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में विंटर वेकेशन 1 जनवरी 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2026 तक चलेगा. यह जानकारी दिल्ली शिक्षा विभाग द्वारा जारी वर्ष 2025-26 के एकेडमिक कैलेंडर में स्पष्ट रूप से दी गई है. छुट्टियों की यह अवधि कुल 15 दिनों की होगी, जिसमें सभी क्लासेस के छात्रों के लिए स्कूल बंद रहेंगे.
शेड्यूल में बदलाव संभव, विभागीय अलर्ट पर नजर रखें
हालांकि, मौसम की स्थिति, बढ़ती ठंड और शीतलहर या प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए यह शेड्यूल बदल भी सकता है. अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे दिल्ली शिक्षा निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें और अपने स्कूल से संपर्क में रहें ताकि किसी भी बदलाव की जानकारी समय पर मिल सके.
प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्कूलों में लगाए जाएंगे एयर प्यूरीफायर
- बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.
- स्कूलों को दोबारा खोलने से पहले, खासकर प्राइमरी स्कूलों में, एयर क्वालिटी सुधारने के लिए एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे.
सरकार ने 10,000 एयर प्यूरीफायर देना शुरू कर दिया है. - यह उपकरण अत्यधिक प्रदूषित इलाकों के स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर दिए जा रहे हैं, ताकि वहां पढ़ने वाले बच्चों को प्रदूषण से राहत मिल सके.
GRAP-IV के तहत लागू हैं सख्त प्रतिबंध
दिल्ली में फिलहाल GRAP-IV (Graded Response Action Plan – Stage IV) के तहत कड़े प्रतिबंध लागू हैं. इस योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल जनरेटर पर बैन, और सड़कों पर वाहन सीमित करने जैसे सख्त कदम उठाए गए हैं.
इन उपायों का उद्देश्य हवा की गुणवत्ता में सुधार करना और बच्चों समेत सभी नागरिकों को सुरक्षित रखना है.
अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह
इस समय बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोपरि है. ऐसे में स्कूल बंद रहने के दौरान भी अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को घर पर साफ और सुरक्षित वातावरण में रखें, उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं और अनावश्यक बाहर जाने से रोकें.
क्या छात्रों के सिलेबस पर असर पड़ेगा?
15 दिन की छुट्टियों के चलते सिलेबस पर असर तो पड़ सकता है, लेकिन स्कूलों को पहले से तैयारी करने और ऑनलाइन टूल्स के जरिए पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी गई है.
कई स्कूल ऑनलाइन असाइनमेंट, वर्कशीट और होम प्रोजेक्ट्स के जरिए छात्रों को सक्रिय रखने की तैयारी में हैं, जिससे बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी पर कोई प्रभाव न पड़े.






