Cold Wave Alert: हरियाणा राज्य में दिसंबर के अंत में मौसम में बड़े बदलाव की संभावना बताई जा रही है. मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार, 31 दिसंबर तक राज्य में मौसम में बदलाव बना रह सकता है. इस दौरान न केवल दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जाएगा बल्कि धुंध और ठंडी हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं.
पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रहेगा
मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ राज्य के मौसम को प्रभावित करेगा. इसका आंशिक प्रभाव हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिलेगा. इसके कारण बीच-बीच में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. हालांकि यह प्रभाव बहुत गंभीर नहीं होगा, लेकिन यह इतना जरूर होगा कि दिन के तापमान में गिरावट और रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज की जा सकती है.
सुबह-शाम के समय धुंध का कहर संभव
राज्य में नमी का स्तर बढ़ने के चलते ज्यादातर स्थानों पर सुबह और देर रात के समय घना कोहरा या धुंध छाने की आशंका है. इससे न केवल सड़क परिवहन पर असर पड़ेगा, बल्कि स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ सकती हैं, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए. दृश्यता में कमी के चलते वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
28 से 30 दिसंबर के बीच ठंड का नया दौर
मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि 28 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच ठंड में तेज़ी आ सकती है. इन तीन दिनों में दिन के अधिकतम तापमान में और गिरावट, और ठंडी हवाओं के कारण अधिक सर्दी महसूस की जा सकती है. यह समय सर्दियों के चरम की शुरुआत माना जा सकता है, जहां शीतलहर जैसी स्थिति बनने के भी संकेत मिल रहे हैं.
31 दिसंबर के बाद शीत हवाओं से रातें और ठंडी होंगी
31 दिसंबर के बाद मौसम में फिर से बदलाव की संभावना जताई गई है. इस दिन के बाद उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली सर्द हवाएं हरियाणा में प्रवेश करेंगी. इनके कारण विशेषकर रात के तापमान में फिर से गिरावट दर्ज की जा सकती है. शीतलहर की वापसी के साथ लोगों को और ज्यादा ठंड महसूस होगी, जो नए साल की शुरुआत को और ठंडा बना सकती है.
किसानों और आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां
इस मौसम में किसानों को सलाह दी गई है कि वे:
- फसलों को ठंड और कोहरे से बचाने के उपाय अपनाएं
- खेतों में नमी बनाए रखें ताकि फसल को नुकसान न हो
- मौसम की जानकारी पर लगातार नजर बनाए रखें
वहीं आम लोगों को भी यह सलाह दी गई है कि:
- बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़ों में रखें
- धुंध के समय वाहन चलाते समय लो-बीम हेडलाइट का प्रयोग करें
- घर से बाहर निकलते समय मफलर और टोपी का प्रयोग करें
स्वास्थ्य विभाग ने भी दी चेतावनी
ठंड और धुंध से जुड़ी बीमारियों जैसे कि सांस की तकलीफ, अस्थमा, जुकाम और बुखार के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है.
बच्चों और स्कूलों पर पड़ सकता है असर
यदि ठंड का यही प्रभाव बना रहा तो राज्य के कई जिलों में स्कूल समय में परिवर्तन या छुट्टी की घोषणाएं हो सकती हैं. पहले भी लखनऊ, वाराणसी जैसे शहरों में ठंड के कारण स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए थे. हरियाणा में भी डीईओ (District Education Officer) स्तर पर निर्णय लिए जा सकते हैं, खासकर प्री-प्राइमरी और प्राथमिक कक्षाओं के लिए.
मौसम विभाग के अनुसार जनवरी में भी रह सकती है कड़ाके की ठंड
हालांकि दिसंबर के आखिरी दिन ठंड का नया दौर शुरू करेगा, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि जनवरी के पहले पखवाड़े में भी ठंड की तीव्रता बनी रहेगी. ऐसे में लोगों को अगले दो सप्ताह तक पूरी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.






