Gold Silver Price सोने और चांदी में तूफानी तेजी जारी है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोमवार को कारोबार शुरू होते ही कीमती धातुओं में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. सुबह के शुरुआती घंटों में ही चांदी की कीमत 10 हजार रुपये से ज्यादा बढ़कर ढाई लाख रुपये के पार पहुंच गई, जबकि सोने में भी 300 रुपये से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई. इससे पहले शुक्रवार को भी चांदी और सोने दोनों में तेज उछाल देखने को मिला था, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान खींच लिया.
सुबह-सुबह चांदी ने पार किया ढाई लाख का स्तर
सोमवार को सुबह करीब 9:30 बजे तक MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी के वायदा भाव में करीब 11,770 रुपये प्रति किलोग्राम यानी लगभग 5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस तेजी के साथ चांदी का भाव 2.51 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार चला गया. यह स्तर चांदी के लिए अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक माना जा रहा है. इससे पहले शुक्रवार को भी चांदी में प्रति किलोग्राम 11 हजार रुपये से ज्यादा की तेजी देखी गई थी.
सोना भी पीछे नहीं, 1.40 लाख के पार पहुंचा भाव
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली. सोमवार सुबह MCX पर फरवरी डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में करीब 350 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस उछाल के साथ सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1.40 लाख रुपये के पार चला गया. इससे पहले शुक्रवार को भी सोने की कीमत में करीब 1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी, जिसने बाजार को मजबूत संकेत दिए.
साल 2025 में रॉकेट जैसी तेजी
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में रॉकेट जैसी तेजी देखने को मिल रही है. सिर्फ चालू महीने की बात करें तो सोने की कीमतों में अब तक करीब 10 फीसदी का इजाफा हो चुका है. वहीं साल 2025 में सोना अब तक करीब 81 फीसदी की छलांग लगा चुका है. अगर चांदी की बात करें तो इस साल इसने करीब 170 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है, जो इसे निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक एसेट बना रहा है.
निवेशक क्यों भाग रहे हैं सोने-चांदी की ओर
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक जोखिम भरे निवेश से दूरी बना रहे हैं. ऐसे माहौल में सोना और चांदी सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर उभरकर सामने आए हैं. इसी वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इन दोनों कीमती धातुओं की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है.
चांदी ने सोने से ज्यादा दिया रिटर्न
इस साल चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को भी पीछे छोड़ दिया है. मेहता इक्विटीज (कमोडिटीज) के वाइस प्रेसिडेंट राहुल कालंतरी के मुताबिक, चांदी अब सिर्फ कीमती धातु नहीं रह गई है, बल्कि हाई-परफॉरमेंस टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल मेटल के तौर पर भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि चांदी की कीमतों में असाधारण तेजी देखने को मिल रही है.
टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री में बढ़ती मांग
विशेषज्ञों का कहना है कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) जैसे सेक्टर में चांदी की भूमिका बेहद अहम हो चुकी है. हाई-टेक्नोलॉजी उत्पादों में इसके इस्तेमाल ने चांदी की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है. इसके अलावा चांदी के वैश्विक स्टॉक में कमी भी कीमतों को ऊपर ले जाने वाला बड़ा कारण बन रही है.
चीन की पॉलिसी ने बढ़ाई चिंता
चांदी की तेजी के पीछे चीन द्वारा लगाए गए नए एक्सपोर्ट प्रतिबंध को भी बड़ा कारण माना जा रहा है. यह प्रतिबंध 1 जनवरी से लागू होने वाले हैं. चीन सौर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है. ऐसे में चीन की इस नई नीति से ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका है, जिसका सीधा फायदा कीमतों को मिल रहा है.
आगे और महंगी हो सकती है चांदी
रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के मुताबिक आने वाले समय में कॉमेक्स (Comex) पर चांदी की कीमतें 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं. उनका मानना है कि इंडस्ट्री की मांग सप्लाई से ज्यादा तेजी से बढ़ रही है, जिससे आने वाले महीनों में चांदी की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है.
निवेशकों के लिए क्या संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में सोना और चांदी दोनों ही मजबूत निवेश विकल्प बने हुए हैं. हालांकि कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, इसलिए निवेश से पहले सावधानी और रणनीति बेहद जरूरी है. वैश्विक घटनाक्रम, ब्याज दरों और सप्लाई-डिमांड पर नजर बनाए रखना निवेशकों के लिए अहम रहेगा.






